पहलगाम हमले के बाद भारत ने जिस तरीके से आपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया और पाकिस्तान की हर कोशिश को नाकाम किया उससे वर्ष 1971 युद्ध में बलिदान देने वाले उन परिवारों की यादें ताजा हो गयीं हैं जिनके सपूत ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया या फिर वे युद्ध से लौटकर वापस अपने वतन नहीं पहुंचे… सी न्यूज संवाददाता विजय बघेल की इस स्टोरी में हम आपका परिचय कराने जा रहे हैं, आगरा में एक ऐसी वीर नारी से जो पिछले 54 साल से अपने पति की वापसी की राह देख रही है…पति के इंतजार में इस वीरांगना की आंखें पथरा जरुर गयीं हैं लेकिन चेहरे पर टपकता उम्मीदों का नूर इस बात की गवाही दे रहा है कि इस वीरांगना ने अपने पराक्रमी पति को देखने की आस नहीं छोड़ी है।
