रूस के कजान शहर में 16 वें ब्रिक्स सम्मेलन का आयोजन हो रहा है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भागीदारी न सिर्फ भारत-रूस संबंधों को मजबूत करेगी, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन पर भी गहरा प्रभाव डालेगी. रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार इतने बड़े पैमाने पर विश्व के शीर्ष नेताओं का रूस में एकत्रित होना पश्चिमी देशों की रूस को अलग-थलग करने की कोशिशों की विफलता का संकेत है.ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक मंच के रूप में उभर रहा है, जिसमें नई ताकतें शामिल हो रही हैं.
