छोटे कपड़ो को लेकर सवाल उठाने वालों अब बताओ कि कितने कम कपड़े थे तन पर ,,,,क्लब में नहीं थी वो, डाक्टर थी, वो अस्पताल में थी,उसकी मां से पूछो आंखों देखा हाल, राक्षसों ने कैसे छीने होंगे कपड़े कैसे खींचे होंगे बाल, दर्द से कहराते हुए कितनी बार मां को उसने लगाई होगी आवाज, अब कहां गए वो चार लोग, जो हर कदम लड़की को जज किया करते थे, बेटीयों को छोटे कपड़े पहनने से तो बहुत टोक लिया क्या अब अपनी बेटीयों को डाक्टर बनने से भी तुम रोक दोगे, जरा अपने ही नजरिए से तुम बताओ कि आखिर बेटियां सुरक्षित कहां हैं
