अखिलेश यादव ने कहा,जो खुद से बड़ा किसी और को नहीं मानते, वो कैसे ‘योगी’ हैं.. जो जितना बड़ा संत होता है वो उतना ही कम बोलता है और बोलता भी है तो जनकल्याण के लिए ,कोई व्यक्ति वस्त्र से नहीं वचन से योगी होता है… जिनका काम सरकार चलाना है वो बुलडोजर चला रहे हैं और विकास का प्रतीक विनाश का प्रतीक बन गया है
