गंगा व गोदावरी एवं तीर्थों के राजा प्रयाग का अपना महत्व है, किन्तु सबसे पुण्यकारी है अयोध्या नगरी, जहाँ हरि विष्णु ने श्री राम के रूप में अवतार लिया , और अब आस्था, पूजन के साथ- साथ रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद धर्मनगरी में वातावरण और अधिक भक्तिमय व अदभुत हो गया है और आर्थिक विकास के साथ-साथ अयोध्या अपने विकास की ओर अग्रसर है। इस समय सदियों से सूनी पड़ी रामनगरी भक्तों से गुलजार है |
