29 तारीख मौनी अमावस्या से ही महाकुंभ का रंग पूरी तरह से बदल चुका है। मौनी अमावस्या के दिन हुई भगदड़ ने मेले के माहौल को ही परिवर्तित कर दिया। इसी बीच भगदड़ के हाथ से के दूसरे दिन महाकुंभ से लोगों की भारी भीड़ रवाना हो रही थी। बहुत सारे लोग जाम में फंसे थे। ऐसे में सोरांव इलाके में कुछ लोगों द्वारा आने जाने वाले यात्रियों के सहायता में भोजन बनवाकर उन्हें बांटा जा रहा था। तभी सोरांव के थानाध्यक्ष भंडारे के पास पहुंचा और चूल्हे पर बन रहे भोजन में मिट्टी डाल दी। यह घटना लोगों को कमरे में कैद हुई और जमकर इसका विरोध हुआ।
