जालंधर: 26 साल के एक मरीज के शरीर से निकला गया 55 किलोग्राम का ट्यूमर

नई दिल्ली। कैंसर की बीमारी तेजी से फैलती है। यदि शुरुआती चरण में ही इसका इलाज नहीं हुआ तो मरीज की मौत भी हो सकती है। लेकिन हैरान करने वाले एक मामले में सात साल से हड्डियों के कैंसर सरकोमा से पीडित पंजाब स्थित जालंधर का एक युवक जिंदगी की जंग जीतने में कामयाब रहा। पिछले दो साल से बिस्तर पर पड़े 26 साल के एक मरीज के शरीर से 55 किलोग्राम का नुकसानदेह ट्यूमर दिल्ली के एक अस्पताल में हटाया गया। मैक्स अस्पताल साकेत के चिकित्सकों ने जालंधर के रहने वाले मरीज गुरमीत सिंह की सर्जरी की।उन्होंने कहा कि वह पिछले सात वर्षों से इस हालत में था। अस्पताल के सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के चिकित्सक डॉ। दुर्गेश पांडेय ने कहा कि यह जानलेवा स्थिति थी क्योंकि उसकी दाहिनी जांघ पर ट्यूमर नुकसानदेह था। यह इतना बड़ा था कि यह मरीज के दाहिने जांघ की हड्डी से पेडू की हड्डी तक फैला था। ट्यूमर की भयावहता का पता इस तथ्य से चलता है कि सर्जरी के बाद मरीज का वजन सिर्फ 37 किलोग्राम रह गया। मरीज का ऑपरेशन गत बुधवार को किया गया था।