अमेरिका में विजुअल ऑर्टस के प्रोफेसर ने तैयार किया एक जादुई पेड़, ‘ट्री ऑफ 40’

हिंदुओं का कल्पतरू, बौद्धों का बोधिवृक्ष, ईसाईयों का सदा हरा-भरा रहने वाला पौधा या फिर यहूदियों का काबाला, ये वे पेड़ हैं जिन्हें विभिन्न धर्मों के लोग पूजते हैं। ये पेड़ प्रतीक हैं लंबी उम्र, ज्ञान और खुशहाली के, लेकिन क्या आप मानेंगे कि एक ऐसा पेड़, जिसमें 40 तरह के फल लगते हैं? चौंक गए ना जी हां, ऐसा जादुई पेड़ धरती पर मौजूद है।

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‘ट्री ऑफ 40’ के नाम से मशहूर इस पेड़ में बेर, सतालू, खुबानी, चेरी, नेक्टराइन जैसे कई फल लगते हैं। अमेरिका में एक विजुअल ऑर्टस के प्रोफेसर ने यह पेड़ तैयार किया है। इस पेड़ की कीमत 30000 डॉलर (भारतीय करेंसी में तकरीबन 1991398.50 रुपए) है। इस पेड़ में कई रंगों के फूल भी होते हैं, जो देखने वाले को किसी जादुई पौधे का अहसास दिलाता है।

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ग्राफ्टिंग तकनीक का बेहतरीन इस्तेमाल

अमेरिका की सेराक्यूज यूनिवर्सिटी में विजुअल आर्ट्स के प्रोफेसर और आर्टिस्ट वॉन ऐकेन ने इस पेड़ को तैयार किया है। इसका काम 2008 में उस समय शुरू हुआ, जब वॉन ऐकेन ने न्यूयॉर्क स्टेट एग्रीकल्चरल एक्सपेरिमेंट में एक बगीचे को देखा, जिसमें 200 तरह के बेर और खुबानी के पौधे थे। ये बगीचा फंड की कमी से बंद होने वाला था। इस बागीचे में कई प्राचीन और दुर्लभ पौधों की प्रजातियां भी थी। वॉन का जन्म खेती से संबंधित परिवार में होने के कारण खेती-बाड़ी में उनको हमेशा दिलचस्पी रही। उन्होंने इस बगीचे को लीज़ पर ले लिया और ग्राफ्टिंग तकनीक की मदद से उन्होंने ट्री ऑफ 40 जैसे अद्भुत कारनामे को अंजाम दिया। इतना ही नहीं, वॉन ऐकेन के मुताबिक, उन्होंने पूरे अमेरिका के 7 राज्यों में इस तरह के 16 पेड़ लगाए हैं।

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ऐसे होती है ग्राफ्टिंग
ग्राफ्टिंग तकनीक के तहत पौधा तैयार करने के लिए सर्दियों में पेड़ की एक टहनी कली समेत काटकर अलग कर ली जाती है। इसके बाद इस टहनी को मुख्य पेड़ में छेद करके लगा दिया जाता है। जुड़े हुए स्थान पर पोषक तत्वों का लेप लगाकर सर्दी भर के लिए पट्टी बांध दी जाती है। इसके बाद टहनी धीरे–धीरे मुख्य पेड़ से जुड़ जाती है और उसमें फल–फूल आने लगते हैं।

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